
राजधानी दिल्ली की हवा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यहाँ सांस लेना भी बहादुरी का काम है। रविवार सुबह दिल्ली का औसत Air Quality Index (AQI) 391 दर्ज किया गया — यानी “बहुत ख़राब” अब “नॉर्मल मौसम अपडेट” बन चुका है।
कौन-कौन से इलाके बने गैस चैंबर?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़े बता रहे हैं कि कुछ इलाकों में तो AQI 400 के पार निकल गया —
- आनंद विहार: 412
- अलीपुर: 415
- चांदनी चौक: 409
- आरके पुरम: 422
- पटपड़गंज: 425
- बवाना: 436 (यानि यहाँ हवा नहीं, धुआं इनहेलर चल रहा है)
शहर के बाकी इलाकों में भी हवा का हाल वैसा ही है जैसा बिना प्याज़ के छोले-भटूरे — अधूरा और दमघोंटू।
दिल्ली में ट्रैफिक नहीं, ‘कार्बन परेड’
राजधानी की सड़कों पर गाड़ियों की लाइनें अब ट्रैफिक जाम नहीं, कार्बन डांस पार्टी लगती हैं। हर रेड लाइट पर लोग साइलेंसर के धुएं से “फ्री फेशियल” पा रहे हैं। CPCB कह रहा है कि हवा में PM 2.5 और PM 10 पार्टिकल्स का स्तर बहुत ऊँचा है — और जनता कह रही है, “PM बदलो या पार्टिकल्स घटाओ, सांस चाहिए बस।”
सरकार की अपील: घर में रहो, लेकिन घर भी धुंध में!
दिल्ली सरकार की ओर से ‘घर में रहो, मास्क लगाओ’ की सलाह फिर जारी की गई है। लेकिन लोग कह रहे हैं — “घर के अंदर भी हवा बाहर जैसी ही है, फर्क बस इतना कि अंदर परफ्यूम है!”

इस बीच, स्कूलों में छुट्टियों की चर्चाएँ चल रही हैं और अस्पतालों में रेस्पिरेटरी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
अब हवा नहीं, ‘Hazardous Mix’
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो दिल्ली की हवा जल्द ही ‘Hazardous Mix’ श्रेणी में पहुंच सकती है।
इसका मतलब होगा — सांस लेने के लिए Fitness Certificate चाहिए!
दिल्ली में हर साल यह ‘स्मॉग सीज़न’ किसी फेस्टिवल जैसा आता है — बस फर्क इतना है कि यहाँ पटाखे बंद हैं, लेकिन धुआं चालू है।
अब तो लोग मौसम नहीं पूछते, AQI Score पूछते हैं — “भाई आज सांस लेने लायक है या ऑक्सीजन सिलिंडर बुक करें?”
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